जौनपुर : जान को जोखिम में डालकर पढ़ने के लिए विद्यालय आते है बच्चे
# जर्जर भवन के डर से पेड़ के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं नौनिहाल
केराकत।
विनोद कुमार
तहलका 24×7
प्रदेश की योगी सरकार शिक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सुदृढ़ करने प्रयास कर रही है बावजूद इसके सरकारी विद्यालयों की स्थिति बद से बद्तर होती दिखाई देती है। सरकार विद्यालयों में कायाकल्प के तहत जीर्णोद्वार करने का काम तेजी से किया जा रहा हैं फिर भी नौनिहालों को पेड़ के नीचे बैठ कर पढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है।

बता दे कि क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय गंगौली में अध्यापक व बच्चे गर्मी, सर्दी व बरसात में पेड़ के नीचे खुले में पठन पाठन करने को मजबूर हैं, पठन पाठन के दौरान अगर बारिश होती है तो बचने का एक मात्र सहारा 2010 में बना एक कमरा है। जिसमे बच्चे व अध्यापक सिर छुपाने के लिए दौड़ लगाकर उसी कमरे में खड़े रहते हैं।प्राथमिक विद्यालय गंगोली की स्थिति शिक्षा विभाग की कार्यशैली व उदासीनता को दर्शा रहा है, प्राथमिक विद्यालय गंगौली का भवन 1999 का बना हुआ हैं, बरसात के समय ये कभी भी जमींदोज हो सकता है, बावजूद इसके भी नये भवन का निर्माण नहीं कराया जा रहा है। बच्चो को विद्यालय भेजने को लेकर अभिभावकों को भी डर सता रहा है।



















